पढ़ें आनंद महिंद्रा ने क्या कहा जब इस भारतीय ने स्कूटर को कम लागत वाले ट्रैक्टर टिलर में बदल दिया

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झारखंड राज्य से एक 33 वर्षीय कक्षा 6 के बाद अपनी पढाई छोड़ने वाले महेश करमाली ने स्थानीय इंजीनियरिंग का उपयोग करते हुए एक स्कूटर को कम लागत वाली ट्रेक्टर टिलर में बदल दिया। ऐसा कुछ ही दिन बाद हुआ जब पडोसी राज्य बिहार के एक व्यक्ति ने अपनी टाटा नैनो कार को हेलीकाप्टर में तब्दील कर दिया था। Source: Twitter

पटना: जिला मुख्यालय शहर से लगभग 40 किमी दूर हजारीबाग के उंचा घाना गांव के निवासी महेश करमाली को इस साल जनवरी में महाराष्ट्र के पुणे में बाजा ऑटो शोरूम द्वारा नियुक्त किया गया था, लेकिन कंपनी में वित्तीय परेशानियों के कारण उन्होनें अचानक बेरोजगार छोड़ दिया।

आजीविका की तलाश में कक्षा 6 के बाद अपनी पढाई छोड़ने वाले महेश अपने गांव में लौट आये। जब उनके परिवार ने बताया कि उनके भाई ने उनकी सलाह के बिना खेत की जुताई के लिए खरीदे गए दो बैलों को बेच दिया है तो महेश बड़े हैरान परेशान हो गए।

उन्होनें बहुत ज्यादा पैसा निवेश किए बिना अपने खेत की जुताई करने का फैसला किया। इसके बाद, उन्होनें एक बजाज चेतक स्कूटर को 4,251 (Dh219) रुपये में खरीदा और अगले तीन दिनों में इसे ट्रेक्टर टिलर में बदलने के लिए काम किया। करमाली ने शुक्रवार को स्थानीय मीडिया को बताया, “मैंने इसे फिर से तैयार करने के लिए 12,000 रुपये खर्च किए।”

उन्होंने कहा, ”अब मेरे द्वारा ईजाद की गई मशीन सिर्फ 2.5 लीटर पेट्रोल पर 12 कट्ठा (4,000 वर्ग मीटर) जमीन की जुताई कर सकती है।”

उनके अनुसार, सामान्य ट्रैक्टर उनके कम लागत वाले टिलर की तुलना में अधिक ईंधन का उपयोग करते हैं।

लेकिन मशीन का उपयोग करते समय एक चुनौती यह है की जब यह भूमि की जुताई करता है तब मशीन के साथ चलना पड़ता है ।

उन्होनें बताया “मैं अब इस पावर टिलर का एक उन्नत संस्करण विकसित करने की कोशिश कर रहा हूं ताकि कोई वाहन पर बैठ सके, जबकि खेत को ट्रैक्टर की तरह लगाया जा रहा है । ”

स्थानीय ग्रामीण अब इस युवा के घर में कम लागत वाली पावर टिलर की एक झलक पाने के लिए और इस सस्ती मशीन से लाभान्वित होने के लिए आ रहे हैं, इसकी लागत लगभग 15,000 रुपये है, जबकि भारत में एक सामान्य ट्रैक्टर की कीमत लगभग 600,000 रुपये है जोकि आम किसानों की पहुंच से परे है।

महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप के श्री आनंद महिंद्रा ने खबर को ट्वीट किया और कहा की “यह देश महेश जैसे लोगों से भरा है, जिनके पास नवीनता का डीएनए है। क्या हमें ऐसे नवोन्मेषकों की मदद करने का एक व्यवस्थित तरीका स्थापित करना चाहिए? जैसे की महिंद्रा गैराज, भौतिक और आभासी दोनों, जो तकनीकी सहायता और अग्रिम वित्तीय मदद प्रदान करता हो?”

कुछ ही दिन पहले बिहार के एक युवा ने अपनी टाटा नैनो कार को हेलीकाप्टर में बदल दिया था।

कार में एक हेलीकॉप्टर की सभी विशेषताएं हैं बस यह उड़ नहीं सकता है।

हालांकि, शहर में इसकी खूब चर्चा हो रही है।

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