मैं मोदी के कार्यों के लिए तो उन्हें बाद में वोट दूंगा पर उससे पहले उन्हें वोट विपक्ष की विफलताओं के कारण दूंगा।

Loksabha Elections 2019, Yuva Perspectives
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प्रिय युवा साथियों,

राजनीतिक उन्माद में डूबे पारिवारिक ताकतों से चलने वाले, समाज को धर्म, जाति आदि के आधार पर तोड़ने वाले राजनीतिक दलों का एक तथाकथित महागठबंधन होने का विफल प्रयास हम सबके सामने आया है। यह गठबंधन और कुछ नहीं बल्कि सत्तालोलुप उन लालची भेड़ियों का एक झुण्ड भर है जिनकी अनेक पीढ़ियों ने देश के विरुद्ध कई कार्य किये हैं। आज इस लेख में WeYuva.com के माध्यम से मैं सिर्फ अपनी यही बात रखना चाहता हूँ की मोदी के कार्यों से नहीं बल्कि विपक्ष की निम्नलिखित विफलताओं के कारण मैं अबकी बार नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लड़ने वाली भारतीय जनता पार्टी को वोट दूंगा। प्रस्तुत हैं मेरे देश की पुरानी सरकारों के कुछ ऐसे ही रोचक कार्यकल्प-

  • देश के इतिहास से असली महापुरुषों का विवरण मिटाया और इतिहास को अपने प्रचार प्रसार मात्र की एक सामग्री मात्र बनाकर हमपर थोप दिया।
  • देश प्रदेश की नौकरियों पर प्रतिनियुक्ति सिर्फ इस आधार पर की कि आप या तो किसी बड़े नेता या मंत्री के रिश्तेदार या चाटुकार हों और उसके बाद आपके पास उन्हें देने के लिए पर्याप्त रिश्वत हो।
  • तमाम रक्षा मामलों में घोटाले किये और रक्षा समझौतों की गोपनीयता को दरकिनार करते हुए उन्हें देश विरोधी ताकतों से साझा किया। जहाँ वह उपरोक्त कार्य नहीं कर पाए वहां व्यर्थ हल्ला गुल्ला करके देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास किया।
  • खेलों से लेकर रोज़मर्रा की उपयोगिताओं में आने वाली हर वस्तु (जैसे कोयला, दूरसंचार इत्यादि) को अपने घोटालों से ‘सुसज्जित’ किया।
  • जब ऐसे दल विपक्ष में आये तो सत्ताधारियों के खिलाफ पर्याप्त उचित मुद्दों पर घेर नहीं पाए। मजबूत विपक्ष बिना कैसा लोकतंत्र?
  • जिस कार्य को मोदी सरकार ने मात्र एक योजना में कर दिखाया उसे करने में पुरानी सरकारों को दो – दो दशक तक लग गए। उदाहरण के तौर पर KMP highway (प्रस्तावित 4 लेन) को राष्ट्रमंडल खेलों में उपयोग के लिए तैयार हो जाना था जोकि साल 2014 में मोदी सरकार ने पुनः निरिक्षण करने के बाद (6 लेन) कार्य पुनः प्रारम्भ करके साल 2018 में राष्ट्र को समर्पित कर दिया। ठीक इतना ही बड़ा KGP highway मोदी सरकार ने साल 2014 से 2015 के बीच कर दिखाया।
  • कालेधन पर नकेल नहीं कस पाये और जो कुछ हद तक कस पाये उनका विरोध किया।
  • कुछ प्रदेशों को अपने पुराने सहयोगियों (जोकि उच्च पदों पर आसीन हैं) से अनुचित निर्णय करवाकर दंगों की आग में झुलसवाया।
  • सीमा सुरक्षा के प्रहरी जवानों को झुकने के लिए मजबूर रखा और दुश्मन के दुस्साहस का कभी उचित जवाब नहीं दिया।
  • राष्ट्र की छवि को दुनिया के सामने इस कदर मजबूर प्रस्तुत किया की दुश्मन सेनाओं ने पुरानी सरकारों के समय जवानों के सिर कटे शव भी उपहार स्वरूप लिये।
  • दहशतगर्दों और घुसपैठियों पर किसी तरह की नकेल नहीं रखी जिसके कारण दिल्ली से मुंबई और अहमदबाद से पूर्वोत्तरी राज्यों के शहर आतंकवादियों के सुरक्षित घर से बने रहे और वह अपने बंबों से इन तमाम शहरों में अपना आतंक फैलाते रहे।
  • देश के अवसरों से भरी हर प्रक्रिया को उन्नत होने से रोके रखा। उदाहरण के तौर पर बिजली का बिल जमा करना पूरे दिन भर का कार्य हुआ करती थी।
  • सरकारी कामकाजों में भ्रष्टाचारी लोगों पर कभी नकेल नहीं कसी बल्कि उनका समर्थन ही किया।
  • फ़ेहरिस्त लम्बी है आप भी कुछ comments के माध्यम से जोड़ें।

मैं मोदी समर्थक नहीं हूँ बल्कि वह मजबूर मतदाता हूँ जिसके पास विकास के लिए कोई विकल्प नहीं और सरकार के ख़िलाफ उठाने के लिए बुलंद आवाज़ छोड़िये एक ठोस मुद्दा तक नहीं है।

अगर सहमत नहीं हैं तो comment करें। किसी सरकार के या राजनीतिक दल के समर्थक या विरोधी न भी हों तो भी कहें और राष्ट्र के उज्जवल भविष्य को बनाने में अपना सहयोग दें।

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